Wednesday, June 19, 2019

Month: December 2018

खगड़िया जिला डुमरी पुल का सीएम ने किया उदघाटन, आठ वर्षों बाद शुरू हुआ आवागमन

बिहार: खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के अन्तर्गत उसराहा गांव के समीप कोशी-बागमती के संगम तट बना बहुचर्चित बीपी मंडल ...

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स्वच्छता पखवारा के 14वें दिन भोला पासवान शास्त्री कृषिमहाविद्यालय, में वार्षिक कार्यक्रम वर्ष 2019 के अभिनन्दन का आयोजन

भोला पासवान शास्त्री कृषिमहाविद्यालय, पूर्णियाँ में 30, दिसम्बर 2018 को स्वच्छता पखवारा के 14वें दिन के नियत कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता पखवारा की गतिविधियों के प्रचारप्रसार हेतु प्रेस एवं इलेक्ट्रानिक मिडिया के प्रतिनिधियों के साथ बैठक का कार्यक्रम आयोजित किया गयाज्ञात हो कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 16 से31 दिसम्बर 2018 तक स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत स्वच्छता पखवारा आयोजित करने का निर्देश पर आयोजित की गई-महाविद्यालय के प्राचार्य डा॰ पारस नाथ नेमहाविद्यालय में दीप प्रज्जवलित करके नूतन वर्ष 2019 के अभिनन्दन एवं वार्षिक कार्यक्रम का शुभारम्भ किया तथा इस अवसर पर उन्हांेने विगत आठ वर्षों में महाविद्यालय कीउŸारोŸार प्रगति की आख्या प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सभागार में उपस्थित कृषि महाविद्यालय परिवार के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए डा॰ पारस नाथ वर्ष 2018 कीउपलब्धि एवं वर्ष 2019 की कार्य योजना को विस्तार पूर्वक प्रस्तुत किया। डा॰ जी0 एल0 चैधरी, बीज उत्पादक प्रक्षेत्र पर वर्ष 2018 खरीफ में बीज उत्पादन का आंकड़ा प्रस्तुत किएएवं रवी 2018 में जनक बीज का उत्पादन करने की बात कही। मखाना वैज्ञानिक तथा प्रधान अन्वेषक डा॰ अनिल कुमार ने मखाना पर कार्य करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधानपरिषद, नई दिल्ली द्वारा मखाना को नकदी फसल का दर्जा दिलाने में सफलता हासिल की साथ ही साथ मखाना की प्रजाति सबौर मखाना वन एवं मखाना उत्पादन तकनीकी काविकास किया जिसके आधार पर आज मखाना राष्ट्रीय ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति पाने में सफल रहा। साथ ही साथ मखाना की खेती सम्भावना एवं महत्व विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना प्रभारी डा॰ पंकज कुमार यादव ने वार्षिक कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना का सिद्धान्त वाक्यश्मुझकों नहीं तुमको ;छवज उम इनज लवनद्धश् हैं, जो निः स्वार्थ सेवा की आवश्यकता का समर्थन करता है। बिहार कृषि विश्वाविद्यालय सबौर के अंगीभूत सभी महाविद्यालयों में2018-19 बैच में अध्ययनरत छात्र/छात्राओं के द्वारा एक एक वृक्ष का रोपण कराया जाय जिसे एक छात्र एक वृक्ष कार्यक्रम का नाम दिया गया। वृक्षों की देखरेख की जिम्मेदारी रोपितकरने वाले छात्र/छात्राओं की ही होगी। स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत स्वच्छता पखवारा (16 से 31 दिसम्बर 2018) के स्वच्छता हेतु श्पथ, श्रमदान कार्यक्रम, पेड़ पौधोंकी साफ सफाई, महिला एवं पुरूष छात्रावासों के चारों तरफ साफ सफाई, कृषि प्रक्षेत्र कार्यालय के चारों तरफ साफ सफाई, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता, भाषणप्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, भारत के पाँचवे प्रधानमंत्री चैधरी चरण सिंह के जयंती पर एक दिवसीय किसान दिवस कार्यक्रम, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयीएवं भरत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के जयंती पर कार्यक्रम, महाविद्यालय खेल के मैदान के चारों तरफ सड़क की पूरी सफाई, कृषि स्नातक के छात्रों के द्वारा किया गया गाजर(पार्थेनियम) घास का उन्मुलन कार्यक्रम, गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन की दिलायी गयी। इससे पूर्व प्रमुख कार्यक्रम विश्व पर्यावरण दिवस-05 जून के अवसरपर एक छात्र एकवृक्ष कार्यक्रम के अन्तर्गत फलदार आम के वृक्षों का वृक्षारोपण कार्यक्रम 12 अप्रैल एवं 03 दिसम्बर, 2018 को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन एवं 55 यूनिट रक्त को रक्त बैंकसदर अस्पताल पूर्णियाँ में संग्रह किया गया। अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस-12 अगस्त का सफल आयोजन। जय किसान जय विज्ञान सप्ताह (दिनांक 23 से 29 दिसम्बर 2018) के कार्यक्रमकासफल आयोजन आदि। साथ ही साथ राष्ट्रीय सेवा योजना एवं त्त्ब् के अन्तर्गत अन्य आयोजित किये गये वार्षिक कार्यो का विवरण दिया जिसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय सेवा योजनादिवस-24 सितम्बर, राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस-01 अक्टुबर, साम्प्रदायिक सद्भावना दिवस-02 अक्टुबर, लालबहादुर शास्त्री जयंती-02 अक्टुबर, गाँधी जयंती-02 अक्टुबर, विश्वखाद्य दिवस-16 अक्टुबर, राष्ट्रीय एकता दिवस-31 अक्टुबर, बाल दिवस-14 नवम्बर,राष्ट्रीय एकªीकरण दिवस-19 नवम्बर, 01 दिसम्बर विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रैली काआयोजन, विश्व मृदा दिवस-05 दिसम्बर, राष्ट्रीय सैन्य बल झण्डा दिवस-07 दिसम्बर, विश्व मानवअधिकार दिवस-10 दिसम्बर, किसान दिवस-23 दिसम्बर, गणतन्त्र दिवस-26 जनवरी,अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस-08 मार्च, विश्व स्वास्थ्य दिवस-07 अप्रैल, भीम राव अम्बेदकर जयंती-14 अप्रैल,विश्व पृथ्वी दिवस-22 अप्रैल, विश्व मजदूर दिवस-01 मई, विश्व तम्बाकू निषेधदवस-31 मई, विश्व बालमजदूर उन्मूलन दिवस-12 जून, विश्व रक्तदाता दिवस-14 जून, अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस-21 जून,स्वतन्त्रता दिवस-15 अगस्त, सद्भावना दिवस-20 अगस्त, राष्ट्रीयशिक्षक दिवस-05 सितम्बर, अन्तर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस-08 सितम्बर, हिन्दी दिवस-14 सितम्बर एवं 21 सितम्बर को भोला पासवान शास्त्री का जन्म दिवस मनाया गया । उपस्थितअतिथियों ने कहा की इतने अल्पावधि में इस महाविद्यालय ने जो उपलब्धियाँ हासिल की वह सहरानीय है। इस अवसर पर महाविद्यालय के वैज्ञानिक डा॰ अनिल कुमार एवं श्री जे0 पी0प्रसाद, डाॅ0 शम्भुनाथ, ने सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र/छात्राओं ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डा॰अनिल कुमार एवं धन्यवाद ज्ञापन डा॰ पंकज कुमार यादव ने किया।

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स्वच्छ भारत अभियान के अन्तर्गत स्वच्छता पखवारा, घास का उन्मुलन कार्यक्रम का आयोजन

आज दिनांक 27 दिसम्बर, 2018 को भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में स्वच्छता पखवारा (16 से 31 दिसम्बर 2018) के 12वें दिन कृषि स्नातक के छात्रों केद्वारा किया गया गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डाॅ0 पंकज कुमार यादव की देख रेख में किया गया।स्वच्छता पखवारा (16 से 31 दिसम्बर 2018) कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश भारत के सभी कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि से सम्बन्धित संस्थानों को भारतीय कृषि अनुसंधानपरिषद, नई दिल्ली द्वारा प्राप्त है। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता सह प्राचार्य डा॰ पारस नाथ ने किया। सह-अधिष्ठाता सह प्राचार्य डा॰ पारस नाथ द्वाराकार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी छात्रों को सुरक्षा के लिए ग्लब्स प्रदान किये गये। साथ ही साथ महाविद्यालय से गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन की शपथ दिलायी गयी। इस अवसरपर सह-अधिष्ठाता सह प्राचार्य डा॰ पारस नाथ द्वारा छात्रों को गाजर (पार्थेनियम) घास से होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार पूर्वक बताया साथ ही साथ कृषि छात्र/छात्राओं कोयह बताया कि इसकी शुरूआत एलर्जी से होता है, इसका प्रमुख कारण जिस परिवेश एवं वातावरण में हम लोग निवास करते हैं, वहाँ साफ सफाई का न होना प्रमुख है। प्राचार्य नेग्रामीण क्षेत्रों में अस्थमा के प्रमुख कारण में यह बताया कि पार्थेनियम घास जिसे गाजर घास, काग्रेस घास सफेद टोपी, चंटक चादनी एवं गनीबूटी आदि नामों से जाना जाता है, यहग्रामीण क्षेत्र में अस्थमा का प्रमुख कारण है। इस गाजर घास की उत्पत्तिं उत्तरी अमेरिका से हुई। भारत में इस घास का प्रवेश वर्ष 1955 में महाराष्ट्र द्वारा अमेरिका से गेहूँ का आयातकिया गया था, उसी के साथ इस घास का बीज भारत मेें आया। वर्तमान समय में हमारे पास के वातावरण सड़क, रोड, रेललाइन, नहरों के किनारें, एवं गली मुहल्ले हर स्थान परपार्थेनियम घास को आसानी से देखा जा सकता है। यदि आकड़ों पर ध्यान दे तो भारत के करीब 35 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर गाजर घास का आच्छादन होे गया है। गाजर घास काएक पौधा अपने जीवन चक्र 3-4 महीने में करीब 10,000 से 25,000 बीज का उत्पादन करता है। सामान्य रूप से इस पौधे में 6-55 पत्तियाँ पायी जाती है, इसके बीज का जीवन कालऔसत 20 वर्ष तक होता है। गाजर घास आज किसी न किसी प्रकार से कृषि उत्पादन को 40 प्रतिशत तक हानि पहूँचता है। इसके द्वारा होने वाले नुकसान को ध्यानमें रखते हुए प्रचार्यने राष्ट्रीय सेवा योजना (एन एस एस ) के प्रभारी डा0 पंकज कुमार यादव को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय सेवा योजना स्वंय सेवकों से स्वच्छता पखवारा (16 से 31 दिसम्बर 2018) स्वच्छता कार्यक्रम अन्तर्गत श्रमदान कराकर गाजर घास का उन्मूलन महाविद्यालय से करके पूरी तरह समाप्त किया जाए। इस कार्य के लिए आज इसकी शुरूआत की गयी इसअवसर पर सभी छात्रों ने उत्साह पूर्वक गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन में अपना योगदान प्रदान किया। क्योंकि गाजर घास का यांत्रिक उन्मूलन ही इसे समाप्त करने का सबसेप्रभावी तरीका है। महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के प्रभारी के द्वारा छात्रोें का दो समूह बनाया गया है जिसमें एक दिवसीय शिविर के द्वारा लगातार छात्रों द्वारा कार्य कियाजा रहा है। राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयं सेवकों के प्रथम समूह में सुमित कुमार अग्रवाल, विवेक कुमार, रीशू कुमार, शिव शंकर, सुधीर कुमार, प्रवीण कुमार, शशी भूषण तथा दूसरेसमूह में राज किशोर, दिवाकर, आशीष, संदीप, ललन, राघव, मेघनाथ, सुशील, दीपक, सलीम मलिक सिद्धीकी आदि ने सक्रिय रुप से भाग लेकर महाविद्यालय गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन में श्रमदान करके स्वछता का कार्य किया। गाजर (पार्थेनियम) घास का उन्मुलन के कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापक डा॰ जे॰ प्रसाद, डा॰ पंकज कुमारयादव, डा॰ अनिल कुमार, डाॅ0 तपन गोराई, श्री जय प्रकाश प्रसाद, श्रीमती अनुपम कुमारी, डा॰ रवि केसरी के साथ-साथ अन्य वैज्ञानिक एवं कर्मचारियों मेें नवीन लकड़ा एवं गिरीशदास ने अपना सहयोग प्रदान किया।

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लालू यादव को रिहा करने की मांग को लेकर अररिया समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय धरना कार्यक्रम

अररिया : युवा राजद के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर राजद एवं युवा राजद के तत्वावधान में लालू यादव को ...

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साढ़े 3 करोड़ की लागत से सहरसा जिला के सिमरीबख्तियारपुर स्टेशन का हुआ शिल्यानास

बिहार: सहरसा जिला, खगड़िया सांसद व डीआरएम ने रिमोट से किया उद्घाटन, पूर्व-मध्य रेलवे के सहरसा-मानसी रेलखंड के सिमरी बख्तियारपुर ...

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