Wednesday, June 19, 2019

Month: January 2019

भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में महात्मा गाँधीकी पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रूप में आयोजित

आज दिनांक 30.01.2019 को भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में महात्मा गाँधीकी पूण्य तिथि को शहीद दिवस के रूप में आयोजित किया गय इसकार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई प्रभारी डा0 पंकज कुमार यादव की देख-रेख में किया गया साथ ही साथ स्वच्छता एवं कुष्ट रोगनिवारण कार्यक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की स्वच्छता कार्य में संलग्न सभी दैनिक श्रमिकों को महाविद्यालय की स्वच्छता में इन सभी श्रमिकों के योगदानको ध्यान में रखते हुए सभी को प्राचार्य डा॰ पारस नाथ द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अगली कड़ी में महाविद्यालय सह अधिष्ठाता -सह- प्राचार्य डा॰ पारसनाथ के साथ शिक्षकों, वैज्ञानिकों, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकेŸार कर्मचारियों ने विश्व के महान राजनेता महात्मा गाँधी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर सभी ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय सह अधिष्ठाता -सह- प्राचार्य डा॰ पारस नाथ, ने किया। इस अवसर पर उन्हांेने अपने अध्यक्षीयसम्बोधन में महात्मा गाँधी के जीवन बृŸा पर चर्चा करते हुए बताया कि महात्मा गाँधी का अवसान आज ही के दिन 30 जनवरी 1948 को हुआ था। उन्होंने ये भीबताया कि गाँधी जी की मृत्यु के बाद पं॰ जवाहर लाल नेहरू ने कहा था कि एक युग के प्रकाश का समापन हो गया। गाँधी जी ने स्वयं को एक अति जिज्ञासु इंसान कीभाँति खुद को कदम-दर-कदम गढ़ा था। बालपन में वे बेहद शर्मीले स्वभाव के थे। गाँधी जी ने दक्षिण-अफ्रीका में अग्रेज हुक्मरानों के अत्याचार देखे तो वे चुप न बैठसके। औपनिवेशिक माहौल में पनपे गाँधी जी ने अपनी आधी जिंदगी समाज से सीखने और बदले में उसे जेहनी तौर पर आजाद बनाने में लगा दी। आज के दिन हीनई दिल्ली में नाथू राम गोडसे ने उनकी देह को गोलियों से क्षत-विक्षत कर दिया था, पर क्या गोडसे गाँधी जी को मार सका, यकीनन नहीं। गाँधी जी आज भी धरती केअनगिनत लोगों के विचारों मे ंजिंदा है। महात्मा गाँधी अपने पूरे जीवन काल में देश एवं समाज सेवा का कार्य किया इसलिए भारत ही नही ंपूरा विश्व उन्हें एक महाननेता एवं देश भक्त के रूप में याद करता है। भारत की स्वतंत्रता संघर्ष की लड़ाई में उनके योगदान को कभी भुला नहीं पाएगा। गाँधी जी का मानना था, की स्वच्छतामें ईश्वर निवास करते है, भारत के गाँवों और किसानों के बारे में गाँधी जी कहा करते थे कि भारत की आत्मा गाँवो ंमें रहती है। 8 अगस्त 1942 को गाँधी जी नेएतिहासिक अंग्रेजों भारत छोड़ो प्रस्ताव को कांग्रेस से पास करवाया, जिसमें उन्होने करो या मरो का नारा दिया। गाँधीजी केवल राजनीतिक स्वतन्त्रता नहीं चाहते थे, अपितु जनता की आर्थिक, समाजिक और आत्मिक उन्नति चाहते थे। राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई प्रभारी डा0 पंकज कुमार यादव ने बताया कि गाँधीजी के द्वारा ग्रामउद्योग संग, तालीमी संघ, गो रक्षा संघ, खादी को गाँधीजी ने अपना मुख्य कार्यक्रम बनाया, अछुतों को हरिजन की संज्ञा दी, मन्दिर प्रवेश कार्यक्रम को सर्वाधिकप्राथमिकता दी। स्त्रियों की स्थिति सुधारने के लिए दहेज प्रथा, बाल विवाह एव ंपर्दा प्रथा के वे कटु आलोचक थे। भारत सचिव मंाटेग्यू ने गाँधीजी को हवा में रहनेवाला दार्शनिक कहा था, लेकिन इसी दार्शनिक ने अंग्रेजी साम्राज्य की जड़े हिला दी तथा समाज में मौलिक परिवर्तन कर दिया। के॰ एम॰ मुन्सी के अनुसार गाँधीजी नेआराजकता को व्यवस्था में, कायरता को साहस में, विभाजित जनसमूह को राष्ट्र में, निराशा को सौभाग्य में तथा बिना किसी हिंसा एवं सैनिक शक्ति के प्रयोग के हीविश्व शक्ति को जन्म दिया। सत्य, अहिन्सा एवं सत्याग्रह के कारण महात्मा गाँधी के समय को गाँधी के नाम से जाना जाता है। गाँधी जी भारत के उन चमकते सितारोंमें से थे जिन्होने देश की स्वतन्त्रता एवं राष्ट्रीय एकता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। इस अवसर पर उन्होंने यह भी बताया कि स्वच्छता एवं गरीबों केसाथ साथ कुष्ट रोगियों के साथ किस प्रकार की सोंच रखनी चाहिए। जिसका उदाहरण हम सभी देख सकते हैं कि वर्ष 2014 से भारत सरकार द्वारा पूरे देश को स्वच्छबनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसका समापन 2 अक्टूबर 2019 को होगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक डा॰ जे॰ प्रसाद, डा॰ पंकज कुमार यादव, डाॅ॰ अनिल कुमार, श्रीमति अनुपम कुमारी, डा॰ रवि केसरी, श्री जे0 पी0 प्रसाद, श्रीमाचाउदय कुमार, श्री मणि भूषण, ई॰ मोहन कुमार सिन्हा एवं कर्मचारीयों ने सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्नातक कृृषि केछात्र/छात्राओं में प्रमुख रूप से राजकिशोर, दीपक, ललन, सलीम, रितिक, सुमित, शिव शंकर, विनोद, प्रवीण, सोनू, योगेश, नितीश एवं छात्राओं में निशा, जयश्री, श्रृंजल, पुष्पम्, प्रिया कुमारी, रश्मि, मंजूशा, स्मृति, कृति, साक्षी, शोभा, निसत् एवं जीनत आदि ने उत्साह पूर्वक भाग लेकर महात्मा गांधी के विचारों से अवगत हुए। इस कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद डा0 पंकज कुमार यादव, सहायक प्राध्यापक-सह-कनीय वैज्ञानिक मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विज्ञान विभाग द्वारा कियागया।

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वरिष्ठ पत्रकार अनूप नारायण सिंह को मिला समाजिक योद्धा सम्मान 2019

... गंगा बचाओ अभियान के प्रणेता व समाजसेवी विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा के नेतृत्व में बिहार की राजधानी पटना ...

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भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में 70 वाॅ गणतन्त्र दिवस समारोह का आयोजन

दिनांक 26 जनवरी, 2019 गणतन्त्र दिवस समारोह के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 पारस नाथ ने सभी वैज्ञानिकों, कर्मचारियों ,छात्र/छात्राओं एवंश्रमिक बन्धु तथा यहाँ उपस्थित समस्त देवियों एवं सज्जनों को को बहुत-बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामना देता हूँ। उन्होंने अपने संबोधन मेें कहा कि आज का येदिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए और इसे अच्छुन्न बनाये रखना हम सभी भारतीय नागरिकांे का नैतिक कर्तव्य है। आज का दिन पूरा देशइस अवसर को गणतन्त्र दिवस के रूप में आयोजित करता है क्योंकि आज ही के दिन भारत का संविधान जो विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है लागू किया गयाथा। इस देश के संविधान को बनाने में 2 वर्ष 11 माह एवं 18 दिन का समय लगा था। उस समय संविधान में 12 अनुसूँची एवं 395 अनुच्छेद थे। लेकिन समय-समय परविभिन्न संविधान संशोधन भी देश की संसद द्वारा किए जा चुके है। कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि छात्र/छात्रा होने के कारण हम लोगो को भविष्य की आवश्यकताओं केबारे में सोचने की आवश्यकता है। वर्ष 1950-51 में कृषि पर निर्भरता 80 प्रतिशत थी जो आज घट कर करीब 57 प्रतिशत हो गई है। इस प्रकार हम सभी यह समझसकते हैं कि भारत में किसान खेती को छोड़ दुसरे व्वसाय की तरफ बढ़ रहा है। इस समय भारत विश्व का सबसे युआ देश है जिसकी कुल आवादी का 65 प्रतिशतआवादी 35 वर्ष से कम उम्र की है। अर्थात् मानव संसाधन की प्रचुरता है। एक अनुमान के अनुसार वर्ष 2025 तक भारत की जनसंख्या 1 अरब 46 करोड़ होने कीसंभावना है और 2060 तक 1 अरब 70 करोड़ हो जाएगी। वर्तमान समय में खाद्यान्न की समस्या को घ्यान में रखकर शोध परियोजना पर कार्य करने की आवश्यकताहै। वर्ष 2016-17 में खाद्यान्न उत्पादन 275.68 मिलियन टन होने की संभावना हैं, जिनमें कृृषि वैज्ञानिकों एवं किसानों का सबसे बड़ा योेगदान है। भारत सरकार वर्ष2022 तक किसानो की आय दो गुणा करने की योजना बनाई हैं। भारत सरकार वर्तमान में किसानों को उवर्रक पर कुल सŸार हजार करोड़ रूपये सब्सीडी दे रहीहै, इस परिस्थिति में आप लोग समझ सकतें हैं कि कृषि तकनीकी, उच्च गुणवŸाा युक्त बीज एवं जैविक खाद के प्रयोग से ही यह संभव हो सकता है। वर्ष 2015 मेंभारत सरकार ने किसानों को उवर्रक पर सब्सीडी कम करने के लिए न्यू युरिया पाॅलीसी बनाया जिसके अन्तर्गत इस समय पूरे देश में नीम कोटेड युरिया का उत्पादनकिया जा रहा है जिससे नाइट्रोजन की उपयोग क्षमता को बढ़ाकर उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। जैसा कि आप सभी अवगत है कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौरभागलपुर का उद्वेश्य उत्कृष्ठ शिक्षा, शोघ, प्रसार एवं प्रशिक्षण जिसमें अपना महाविद्यालय अपने स्थापना काल से विगत 8 वर्षों कीं अपनी अत्यंत अल्प अवधि मेंउŸारोŸार प्रगति के पथ पर अग्रसर है, जिसमें आप सभी लोगों का कठिन परिश्रम, कुशल अनुशासन, सुनियोजित एवं समयबद्ध तरीके से कार्य करने में योगदानहै। भारत में सर्वप्रथम आयोजित कृषि उपादान विक्रेताओं हेतु समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय (15-29 जनवरी,2019) सर्टिफिकेट कोर्स के सफलआयोजन किया जा रहा है। कृषि उपादान विक्रेताओं के द्वारा ही अधिकतर किसानों को खाद बीज एवं दवाओं के बारे में प्राथमिक सलाह मिलती है और उसी केअनुरुप किसान अपने खेतों में खाद बीज एवं दवाओं का उपयोग करते हैं। इस विषय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए भारत वर्ष में पहली बार कृषि उपादानविक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स का आयोजन किया गया है। जिसमें कुल 30 प्रतिभागियों का पंजीकरण हुआहै। एक प्रतिभागी मधेपुरा एवं एक प्रतिभागी अररिया, 6 प्रतिभागी पूर्णियाँ एवं 22 प्रतिभागी कटिहार जिले से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। शिक्षा, महाविद्यालय का शिक्षण, अनुसंधान, प्रसार एंव प्रशिक्षण आप सभी के प्रयासों से बिहार कृषि विश्वविद्यालय में अब्वल दर्जे का प्रतिस्थापित हो चुका है। हमेंप्रसन्नता है कि वर्तमान वर्ष महाविद्यालय के लिए उपलब्धियों भरा वर्ष रहा है। जिसमें महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियाँ अच्छी चल रहीं है, महाविद्यालय सेस्नातक आॅनर्स (कृषि) की उपाधि प्राप्त कुछ छात्रों ने श्रत्थ् में भी अच्छी सफलता हासिल की लगभग सभी उŸाीर्ण छात्र छात्राओं द्वारा भारत के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों में स्नातकोŸार पाठ्यक्रम के विभिन्न विषयों में प्रवेश प्राप्त किया है। जैसे बी.एच.यू. वाराणसी, विश्व भारती विश्वविद्यालय, केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय,मणिपुर, डा0 राजेन्द्र केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा समस्तीपुर , बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, आदि। स्नातक आॅनर्स (कृषि) की प्रथम बैच 2011-12 की छात्र/छात्राओं ने भारत के विभिन्न कृषि विश्व विद्यालयों में पी0 एच0 डी0 हेतु नामांकन कराया है। महाविद्यालय से स्नातक आॅनर्स (कृषि) की उपाधि प्राप्त कुछ छात्र/छात्राओं ने प्ब्।त् द्वारा आयोजित विभिन्न विषयों में छम्ज् की परीक्षा उर्तीण करके महाविद्यालय का सम्मान बढ़ाने का कार्य किया हैं। बिहार सरकार कृषि शिक्षा कोबढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत स्थान 10़2 में कृषि के छात्र/छात्राओं हेतु आरक्षित किया है जिसका प्रवेश वर्ष 2017-18 बैच से प्रारंभ हो गया है, प्रत्येक छात्र/छात्राको प्रतिमाह बिहार सरकार द्वारा कुल राशि 2000/- रूपये की छात्रवृति एवं कुल 6000/-रूपये की पुस्तकें भी समय से उपलब्ध करायी जाती है। जिसमें विश्वविद्यालयद्वारा प्रकाशित पुस्तकें भी सम्मलित हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर जो छात्र एवं छात्राओं आई सी ए आर से आते हैं अबउनको भी कुल राशि 2000/- रूपये की छात्रवृति उपलब्ध करायी जाएगी। महाविद्यालय के स्नातक आॅनर्स (कृषि) 2015-16 के छात्र/छात्राओं द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्रमधेपुरा, कटिहार एवं किशनगंज में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव ;त्।ॅम्द्ध रावे कार्यक्रम में संलग्न होकर अपना कार्य पूरा किया । पूरे छः माह तक इन छात्र/छात्राओं केद्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र मधेपुरा, कटिहार एवं किशनगंज पर चल रही विभिन्न गति विधियाँ जैसे किसान चैपाल, प्रक्षेत्र दिवस, मसरूम उत्पादन तकनीकी एवं मृदापरीक्षण करके अनुभव प्राप्त किया। नव प्रवेशी छात्र/छात्राओं को अवगत कराना चाहतें हैं कि आप सभी अवतक महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य गतिविधियों सेअवगत हो चुके होगें जिसमें स्नातक कृषि की महाविद्यालय में कुल 60 सींटे हैं। वर्ष/बैच प्रवेश प्राप्त छात्र/छात्राओं उपाधि प्राप्त छात्र/छात्राओं 2011-12 47 28 2012-13 41 27 2013-14 46 26 2014-15 50 ...

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​कृषि उपादान विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट

दिनांक 29 जनवरी 2019 को भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ में चलाये जा रहे कृषि उपादान विक्रेताओं के लिए समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स हेतू प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रमाण पत्र वितरण एवं समापन समारोह के मुख्य अतिथि डाॅ॰ आर॰ के॰ सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा एंव विशिष्ट अतिथि डाॅ॰आई॰ एस॰ सोलंकी, निदेशक, अनुसंधान, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर ने प्रशिक्षणार्थियों से फीड बैक लिया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि समेकित पोषक तत्वप्रबंधन के साथ साथ समेकित खरपतवार, कीट एवं पादप रोग नाशी विषयों को भी शामिल किया जाय ताकि हम सभी रहे कृषि उपादान विक्रेताओं को रासायनिक उर्वरकों के साथसाथ खरपतवार, कीट एवं पादप रोग नाशी दवाओं को विक्र्रय करने का लाईसेंस भी मिल सकेगा। तभी किसानों को एक ही दुकान से कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित सभी तरह के कृषिउपादान उपलब्ध कराना संभव हो पायेगा। इस अवसर पर सह अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य डा॰ पारसनाथ, के द्वारा फूलों का गुलदस्ता एवं अंगवस्त्र, के द्वारा मुख्य अतिथि डाॅ॰ आर॰ के॰सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा एंव विशिष्ट अतिथि डाॅ॰ आई॰ एस॰ सोलंकी, निदेशक, अनुसंधान, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर को पुष्पगुच्छ एवं अंग वस्त्र देकरसम्मानित किया गया।डाॅ0 पारस नाथ, सह अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य, भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ ने चल रहे प्रशि़क्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदानकी। मुख्य अतिथि डाॅ॰ आर॰ के॰ सोहाने, निदेशक प्रसार शिक्षा ने अपने सम्बोधन में भारत वर्ष में प्रथम प्रशिक्षण के सफल आयोजन हेतु प्राचार्य एवं उनके टीम को बधाई देते हुएकहा कि भविष्य में कृषि उपादान बिक्रेताओं के साथ साथ कृषि उत्पाद बनाने वाली कम्पनियों का कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा जिससे किसानों, कृषि उत्पाद बिक्रेताओं एवंकम्पनियों के बीच माँग एवं आपूर्ति का बेहतर समन्वयन होगा और किसानों को गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद ससमय उपलब्ध हो पायेगा। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि समेकितपोषक तत्व प्रबंधन विषय पर जानकारी प्राप्त करने के बाद आप सभी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि भारत सरकार के द्वारा बनाये गये नियम के अनुसार खाद एवं उर्वरक कासंतुलित प्रयोग करने हेतु किसानों को उचित सलाह प्रदान की जाय। तभी यह प्रशिक्षण सफल हो सकेगा। विशिष्ट अतिथि डाॅ॰ आई॰ एस॰ सोलंकी, निदेशक, अनुसंधान, बिहार कृषिविश्वविद्यालय, सबौर भागलपुर ने अपने सम्बोधन में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स अन्तर्गत प्रतिभागियों द्वारा प्रदान किये गये फीड बैक सेप्रसन्नता व्यक्त की तथा उन्होंने उनके उज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आप सभी गुणवत्ता युक्त रासायनिक उर्वरक का ही विक्रय करें एवं किसानों को उचित सलाह देजिससे मृदा स्वास्थ्य हमेंशा के लिए खेती लायक उपयुक्त बना रहे। डा0 पंकज कुमार यादव, नोडल पदाधिकारी-सह-समन्वयक सहायक एंव प्राध्यापक-सह-कनीय वैज्ञानिक मृदाविज्ञान एवं कृषि रसायन विज्ञान विभाग द्वारा पूरे प्रशिक्षण की आख्या प्रस्तुत करते हुए विधिवत जानकारी प्रदान करते हुए बताया कि समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स अन्तर्गत कृषि की आधुनिक तकनीक की जानकारी के लिए 15 दिनों तक बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की विभिन्न संस्थाओं के मृदा वैज्ञानिकों जैसेकृषि विज्ञान केन्द्र कटिहार, सिंचाई अनुसंधान केन्द्र अररिया, सिंचाई अनुसंधान केन्द्र मधेपुरा, जूट अनुसंधान केन्द्र कटिहार, बिहार कृषि महाविद्यालय, सबौर, डाॅ॰ कलाम कृषिमहाविद्यालय, किशनगंज एवं भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ के कुल 16 मृदा वैज्ञानिकों ने कुल 44 विषयों पर निर्धारित पाठ्यक्रम के अन्तर्गत सैद्धांतिक एवंप्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान किये। उन्होेने यह भी बताया कि एक्पोजर विजिट के लिए सभी प्रतिभागियों को दो दिनों तक बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की विभिन्न इकाइयों का भ्रमणभी कराया गया। जिसमें प्रमुख रुप से जैव उर्वरक उत्पादन ईकाई, एजोला, नील हरित शैवाल, कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, मृदा परिक्षण प्रयोगशाला, टीशु कल्चर लैब आदि का भ्रमणकराकर विस्तार पूर्वक सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक जानकारी प्रदान की गई, जो प्रतिभागियों के लिए काफी लाभकारी रहा। डा0 पंकज कुमार यादव, नोडल पदाधिकारी-सह-समन्वयकने कहा कि यदि भविष्य के लिए हम सभी को स्वस्थ रहना है तो बिना जानकारी एवं मिट्टी जाँच के किसी भी प्रकार का रासायनिक पदार्थ एवं उर्वरक का प्रयोग मिट्टी में न करे, क्योंकिमिट्टी के स्वास्थ्य से ही हम सभी का स्वास्थ्य का सीधा सम्बन्ध है। कार्यक्रम के समापन से पूर्व सभी प्रशिक्षणार्थियों की लिखित एवं मौखिक परीक्षा ली गई। परीक्षा के परिणाम केआधार पर सभी प्रतिभागियों को निर्णायक समिति द्वारा प्रमाण प्रदान करने की संस्तुति की गई। इस अवसर पर समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स अन्तर्गत उपादान ं प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों में क्रमशः समरेन्द्र शुधांशु, मो॰फैजान आलम, मो॰ इसमाइल आलम, शैलेन्द्र कुमार, अमर कुमार यादव, श्रवण कुमार, राहुल कुमार, अमित कुमार, मो॰ नाहिद अली, मो॰ सद्दाम हुसैन, सुमन कुमारी, रुबि कुमारी, निक्की कुमारी, दुर्गा कुमार, मुकेश कुमार आजाद, नीतीश कुमार, मो॰ इम्तियाज, मो॰ तौफीक आलम, दीपक कुमार आजाद, शिवजी चैधरी, रोहित राज, मो॰ सोहेल अहमद, अखिलेश्वर सिंह, मो॰ अब्दुल गफूर, मो॰ मनोवर आलम, मो॰ अब्दुल कयूम, बरूण कुमार, आशिष कुमार, जमाल उद्धीन, मो॰ आसिफ इकबाल आदि कुल 30 प्रशिक्षणार्थियों नेउत्साह पूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रमाण पत्र हासिल किया। इस कड़ी में सबसे अधिक प्रतिभागी 22 कटिहार, एक मधेपुरा, एक अररिया एवं 6 प्रतिभागी पूर्णियाँ जिले के विभिन्नप्रखण्डों से सम्मिलित हुए। इस अवसर पर महाविद्यालय के वैज्ञानिक डा॰ जनार्दन प्रसाद, डा॰ पंकज कुमार यादव, डा॰ अनिल कुमार, डा॰ रुबी साहा, डा॰ रवि केसरी, डाॅ॰ माचा उदय कुमार, श्री मणिभूषण,डाॅ॰ राधेश्याम, डाॅ॰ श्याम बाबू साह एवं कर्मचारियों आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया। इस कार्यक्रम का संचालन डाॅ॰ अनिल कुमार एवं धन्यवाद डा॰ रुबी साहा, द्वारा किया गया।

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रवि किशन की बेटी रीवा, नितिन मनमोहन की फिल्‍म से बॉलीवुड में कर रही हैं इंट्री

भारतीय सिनेमा में रवि किशन आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है। वे बॉलीवुड के अलावा क्षेत्रीय सिनेमा में भी ...

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अररिया सदरअस्पताल इलाज के दौरान महिला की मौत नबजात बच्चे को महिला नेकिया गायब सीसी कैमरा में कैद

अररिया सदर अस्पताल प्रशासन की लपरवारी देखने को मिली जहा एक महिला अपने नबजात बच्चे के साथ अपना इलाज कराने ...

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लाँ एण्ड आँडर सिर्फ गरिबो और कमजोड़ वर्गो के लिए अपराधी और गुंडा को तो सरकार का आर्शिवाद प्राप्त है -तेजस्वी

समस्तीपुर -बिहार में माता पिता के सामने बेटी की बलात्कार और हत्या किया जा रहा है। लाँ एण्ड आँडर सिर्फ ...

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ध्वजारोहण करते समय पार्टी के मुख‍िया द्वारा हथियार से की गई फायरिंग

समस्तीपुर, गणतंत्र दिवस के मौके पर समस्तीपुर में ध्वजारोहण करते समय एक पार्टी के मुख‍िया द्वारा अत्याधुनिक हथियार से फायरिंग ...

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जीजा के यहाँ रह रहीं नाबालिक साली की हत्या कर बीच सड़क पर फेका

समस्तीपुर/रोसड़ा- जिला के रोसड़ा थाना अन्तर्गत पाँचुपुर गांव में बड़ी बहन रंजू देवी के यहाँ वर्षों से पढ़ाई कर रही ...

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सात निश्चय योजना कों लागू करने में रामपुर जलालपुर पंचायत तीसरे नंबर पर

दलसिंह सराय, प्रखंड के रामपुर जलालपुर पंचायत में सोमवार कों आर.टी.पी.एस कार्यालय का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी विष्णुदेव मंडल के द्वारा ...

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