बेतिया गैंगरेप केस को लेकर एडीजी हेडक्वार्टर जितेंद्र कुमार ने पुलिस की तरफ से अब तक की गई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा
एक माह पूर्व दिल्ली रेलवे स्टेशन से जोकीहाट आ रहा युवक नही पहुचा घर परिजन परेशान।
अररिया के नगर भवन में जल जीवन और हरियाली विषय पर जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कर्मशाला का आयोजन
मायानगरी की राह में बढ़ रहा अररिया
दिनेश तिवारी की फिल्‍म ‘परिवार के बाबू’ में गेस्‍ट एपीयरेंस में नजर आयेंगी भोजपुरी क्‍वीन रानी चटर्जी
Thursday, September 19, 2019

Month: July 2019

नीलम स्किन सिटी पटना में सोप्रानो टाइटेनियम लेजर हेयर रिमूवल अल्मा द्वारा पेश कर रहा है

पटना : पटना के बोरिंग रोड स्थित नीलम स्किन सिटी त्वचाविज्ञान और सौंदर्य प्रसाधन क्लिनिक सर्वोच्च स्थान पर है भला ...

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प्रो0 राज चित्रकार कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी के पोर्ट्रैट को फाइनल टच देते

आरएफएस डिज़ाइन स्टुडिओ सुमति पैलेस में प्रो0 राज चित्रकार कैबिनेट मिनिस्टर स्मृति ईरानी के पोर्ट्रैट को फाइनल टच देते वर्ष ...

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पुलिस ने बाइक चोर गिरोह के बड़े नेटवर्क को उद्भेदन करने में सफलता हासिल की

किशनगंज पुलिस ने बाइक चोर गिरोह के बड़े नेटवर्क को उद्भेदन करने में सफलता हासिल की है। बहादुरगंज थाना पुलिस ...

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कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ के वैज्ञानिकों की टीम पहुँची जलालगढ़

निर्धारित कार्यक्रम के दूसरे दिन भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ द्वारा अंगीकृत जलालगढ़ प्रखण्ड के कठैली गाँव में शून्य लागत प्राकृतिक खेती हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की एस.आर.एफ.एस.आई. परियोजना (सिमिट वित्त पोषित) द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डा॰ पारस नाथ ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम के प्रारम्भ में वरीय वैज्ञानिक एवं प्रमुख कृषि विज्ञान केन्द्र पूर्णियाँ की डा॰ सीमा कुमारी ने प्राचार्य डा॰ पारस नाथ कास्वागत बुके देकर किया। कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ के वैज्ञानिकों की टीम के साथ कृषि विज्ञान केन्द्र, जलालगढ़ पूर्णियाँ के वैज्ञानिक भी शून्य लागत प्राकृतिक खेती हेतु जागरूकता कार्यक्रम में तकनीकी जानकारी प्रदान करने हेतु जलालगढ़ प्रखण्ड केकठैली गाँव पहुँच कर उपस्थित महिला एवं पुरूष किसानों के शून्य बजट प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने का कार्य किया। इस कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में प्राचार्य डा॰ पारस नाथ ने उपस्थित सभी किसानों एवं छात्र/छात्राओं को बताया कि कृषिमहाविद्यालय पूर्णियाँ एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, जलालगढ़ पूर्णियाँ द्वारा कठैली गाँव में कृषि आधारित उद्यम से सम्बन्धित विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्रदान करने का कार्य करेगा। जिसमें मुख्य रूप से बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा प्राप्त निर्देश परदो गाँव का चयन किया गया है, जिसमें किसानों को शून्य बजट प्राकृतिक खेती हेतु विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक करना है। इस कड़ी में आगे स्वच्छता कार्यक्रम, वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ साथ मिटृटी एवं पानी के संरक्षण एवं समुचितजानकारी प्रदान की जाएगी। इसका मुख्य उद्धेश्य हम सभी अपने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर समुचित ध्यान दें, जिसके माध्यम से आने वाले समय में टिकाउ खेती प्राप्त की जा सकती है, साथ ही साथ किसानों की सामाजिक, आर्थिक उन्नति की जासके। कठैली गाँव में एस.आर.एफ.एस.आई. परियोजना (सिमिट वित पोषित) अन्तर्गत कार्य कर रहे महाविद्यालय के वैज्ञानिक डा॰ रणवीर कुमार ने बताया कि शून्य जुताई एवं संरक्षित खेती पर इस गाँव में लगातार चार वर्षों से कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँके वैज्ञानिकों की टीम के द्वारा कार्य किया जा रहा है। इस कड़ी में आज हम सभी पुनः इस कठैली गाँव को गोद लेकर आप सभी उपस्थित महिला एवं पुरूष किसानों को शून्य बजट प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने के लिए आये हैं, जिसमें आप सभी केसक्रिय भागीदारी से हीे यह कार्यक्रम सफल होगा। इसके पूर्व आप सभी को एस.आर.एफ.एस.आई. परियोजना के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार के कृषि इनपुट प्रदान किये जाते थे, लेकिन शून्य लागत प्राकृतिक खेती में आपको अपने पास उपलब्ध प्राकृतिकसंधाधनो ंका संतुलित प्रयोग करना है। कृषि विज्ञान प्रधान डा॰ सीमा कुमारी ने बताया कि बढ़ते हुए पर्यावरण प्रदूषण के द्वारा हम मनुष्यों में विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही है इसके लिए इस प्रकार की खेती प्रणाली बहुत ही लाभकारी सिद्धहोगी। साथ ही साथ उन्होंने जलालगढ़ प्रखण्ड के कठैली गाँव को गोद लेकर शून्य बजट प्राकृतिक खेतों के विषय पर जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन हेतु कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ के प्राचार्य की प्रशंसा की साथ ही साथ यह बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र, पूर्णियाँ, कृषि महाविद्यालय पूर्णियाँ के साथ समय समय पर इस गाँव के विकास में पूरा सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर वरीय वैज्ञानिक डा॰ जे॰ एन॰ श्रीवास्तव ने शून्य लागत प्राकृतिक खेती के प्रणेता श्री सुभाष पालेकर के बारे में चर्चा करते हुए बतायाकि स्नातक कृषि की पढ़ाई पूरी करने के बाद अमरावती महाराष्ट्र निवासी श्री सुभाष पालेकर स्नातक कृषि की उपाधि प्राप्त करने के बाद शून्य लागत प्राकृतिक खेती पर कार्य करना प्रारम्भ किया। अपने अनुभव एवं कार्य के आधार पर श्री सुभाष पालेकर द्वारा60 से अधिक विभिन्न भारतीय भाषाओं में शून्य लागत प्राकृतिक खेती विषय पर किताबों का लेखन कर चुके हैं, इनके अनुभव के आधार पर आन्ध्र प्रदेश सरकार ने कृषि सलाहकार के रूप में नियुक्ति की है। भारत सरकार द्वारा पद्मश्री सम्मान से समानितकिया जा चुका है। कृषि विज्ञान केन्द्र, जलालगढ़ के पशुपालन वैज्ञानिक डा॰ हेमन्त कुमार शून्य लागत प्राकृतिक खेती में देशी गाय के गोबर एवं गौमूत्र पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि प्रत्येक किसान को कम से कम एक गाय अपने पास पालनाअत्यंत आवश्यक है, इसके बाद ही हम सभी लोग शून्य लागत प्राकृतिक खेती की परिकल्पना को धरातल पर साकार कर सकते हैं। क्योंकिएक देशी गाय के गोबर एवं गौमूत्र की जीरो बजट खेती का सबसे महत्वपूर्ण अवयव है। कृषि विज्ञान केन्द्र, जलालगढ़के वैज्ञानिक डा॰ अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि विभिन्न प्रकार के सब्जियों एवं फलों के छिलकों आदि का कम्पोस्ट शून्य लागत प्राकृतिक खेती में लाभप्रद होगा। श्री एस॰ पी॰ सिन्हा ने बताया कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती में रासायनिक उर्वरक काप्रयोग बिल्कुल नहीं करना है। इस प्रकार की खेती से पैदा हुए अनाज की गुणवत्ता अच्छी होती है जो हम सभी के लिए एक औषधी का कार्य करेगी। डा॰ अनिल कुमार ने बताया कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती के प्रमुख चार अवयव जीवामृत, बीजामृत, मल्चिंग एवं लाइव मल्चिंग आदि हैं। भारत सरकार द्वारा शून्य लागत प्राकृतिक खेती के लिए इस बार के आम बजट में एक बड़ी घोषणा की गईहै, क्योंकि सरकार इस प्रकार की खेती के माध्यम से किसानोें को प्राकृतिक खेती के साथ जोड़ना चाहती है। महाविद्यालय के मृदा वैज्ञानिक डा॰ पंकज कुमार यादव ने बताया कि शून्य लागत प्राकृतिक खेती की संकल्पना शून्य लागत प्राकृतिक खेती के प्रणेताश्री सुभाष पालेकर

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जिलाधिकारी मधेपुरा श्री नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता मे समाहरणालय सभा भवन में जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक।

जिलाधिकारी मधेपुरा श्री नवदीप शुक्ला की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा भवन में आज सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों , अनुमंडल पदाधिकारी ...

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राज्यस्तरीय वुशु चैंपियनशिप में अररिया के खिलाड़ियों ने लहराया परचम, जीते 3 गोल्ड और 3 सिल्वर, जीता

अररिया: राज्यस्तरीय वुशु चैंपियनशिप में जिले के खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर अपने माता-पिता और गुरू ...

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चिकित्सक डॉ विजय राज सिंह 31 जुलाई को अपना जन्मदिन गरीब असहाय और अनाथ बच्चों के बीच मनाएंगे

अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष ग्लोबल राज प्रोडक्शन हाउस के प्रबंध निदेशक व चर्चित चिकित्सक डॉ विजय ...

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