Saturday, July 20, 2019
Md Tanweer Alam

Md Tanweer Alam

कोसी सीमांचल का सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

कोसी सीमांचल का सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण

https://youtu.be/AEratIO004M   तनवीर आलम की रिपोर्ट बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को सीमांचल का बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों...

एसपी मीडिया नेटवर्क के द्वारा पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन

एसपी मीडिया नेटवर्क के द्वारा पत्रकार सम्मान समारोह का आयोजन

सीमांचल की धरती पूर्णिया जिले के बनमनखी के बाल भारती मध्य विद्यालय में एसपी मीडिया नेटवर्क के द्वारा पत्रकार सम्मान...

पूर्णियाँ के स्नातक कृषि छात्र-छात्राओं ने विवेकानन्द स्मारक शिला एवं परिव्राजक सन्यासी प्रदर्शिनी

पूर्णियाँ के स्नातक कृषि छात्र-छात्राओं ने विवेकानन्द स्मारक शिला एवं परिव्राजक सन्यासी प्रदर्शिनी

अखिल भारतीय शैक्षणिक भ्रमण- 2019 अन्तर्गत विवेकानन्द स्मारक शिला एवं परिव्राजक सन्यासी प्रदर्शिनी, कन्याकुमारी, तमिलनाडू का कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ के...

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती विषय पर कार्यक्रम का आयोजन

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती विषय पर कार्यक्रम का आयोजन

विश्व जनसंख्या दिवस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ईकाई द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डा॰ पारस नाथ, ने किया। इसकार्यक्रम के आयोजन का उद्धेश्य छात्र/छात्राओं को विश्व की बढ़ती हुई जनसंख्या के मानव के सामान्य जीवन पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभाव तथा कृषि क्षेत्र में चुनौतियों के प्रति जागरुक करना था। विश्व जनसंख्या दिवसके अवसर पर जनसंख्या विस्फोट कृषि के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य वैज्ञानिकों ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन मेंमहाविद्यालय के प्राचार्य डा॰ पारस नाथ, ने बताया कि जनसंख्या विस्फोट के कारण होने वाली समस्या पर चर्चा करने के लिए प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को पूरे विश्व में विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया जाता है। इसकामुख्य उद्धेश्य बढ़ती हुई जनसंख्या के हानिकारक प्रभाव के प्रति जागरूक करना है। क्योंकि आने वाले समय में विश्व की सम्पूर्ण आबादी की सभी आवश्यता की पूर्ति किस प्रकार की जाय इसके लिए इस कार्यक्रम कीशुरुआत संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद् के द्वारा वर्ष 1989 में किया गया था। वर्तमान समय में विश्व की जनसंख्या 7 अरब से अधिक है। इसकी शृरुआत जनसंख्या के विस्फोट के द्वारा होने वालीसमस्याओं की ओर ध्यान केन्द्रित करने के लिए इसकी शुरुआत की गयी थी। विश्व में बच्चा जनने के दौरान करीब 800 महिलाओं की प्रतिदिन मृत्यु हो जाती है। इस कार्यक्रम का उद्धेश्य परिवार नियोजन का महत्व, गरीबी,स्वास्थ्य, मानवाधिकार, गर्भनिरोधक दवाओं का प्रयोग, बालिका शिक्षा, बाल विवाह, यौन सम्बन्धी बीमारियों पर चर्चा करना है। यदि विश्व की जनसंख्या को प्राकृतिक संसाधनों के सापेक्ष रखना है तो इस पृथ्वी से करीब3,50,000 व्यक्तियों को प्रतिदिन हटाना होगा। विश्व की जनसंख्या का 1/8 भाग अभी भी भूखा है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 2050 तक विश्व की जनसंख्या 9.2 अरब होने की संभावना है। वर्ष 2050 में बढ़ती जनसंख्या केकारण होने वाली प्रमुख समस्याएँ जिनके कारण 70ः अधिक भोजन की जरुरत, 4 अरब आवादी पानी की कमी से प्रभावित, 71ः अधिक संसाधनों की जरुरत, 30ः अधिक उर्जा की आवश्यकता होगी। वर्ष 2050 में भारतकी जनसंख्या 165 करोड़ होने की संभावना है। यदि आँकाड़ों की बात करें तो भारत में प्रति मिनट 25 बच्चे पैदा हो रहे हैं। इस प्रकार वर्ष 2030 तक भारत विश्व का सबसे बड़ी जनसंख्या वाला देश होगा। राष्ट्रीय सेवा योजनाईकाइ के सहायक प्रभारी डा॰ रवि केसरी ने बताया कि भारत मे वर्ष 2011 के जनगणना के आँकड़ों के आधार पर प्रतिवर्ग किलो मीटर जन घनत्व के मामले में 1102 व्यक्तियों के साथ बिहार राज्य का भारत मेें प्रथम स्थानहैं, लिंगानुपात में 25 वें स्थान पर, साक्षरता दर 63.82 प्रतिशत के साथ 35 वें स्थान, जनसंख्या की दृष्टि से बिहार भारत का तीसरा सबसे बड़ा राज्य है। बिहार का न्यूनतम जनघनत्व वाला जिला सिहोर (1882) व्यक्ति हैं।बिहार में सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला रोहतास (75.59ः) एवं न्युनतम साक्षरता वाला जिला पूर्णियाँ (52.49ः) है। बिहार राज्य की करीब 88 प्रतिशत जनसंख्या गा्रमीण क्षेत्र में निवास करती हैं। जिसका मूल रूप सेआजीविका का आधार कृषि है। श्री एस पी सिन्हा ने बताया कि बिहार की कुल जनसंख्या में 35.5 प्रतिशत कृषि श्रमिक, 43.57 प्रतिशत कृषि, 2.38 प्रतिशत गृह उद्योग, 18.55 प्रतिशत अन्य क्षेत्र जैसे - खनन, निर्माण कार्य,परिवहन, संचार, आदि क्षेत्र के व्यवशाय पर निर्भर है। महाविद्यालय के अन्य वैज्ञानिक डा॰ जे॰ एन॰ श्रीवास्तव, जे॰ प्रसाद, श्री एस पी सिन्हा, डाॅ0 तपन गोराई, डा॰ रवि केसरी, श्रीम

श्रीकरियाम, तिरूवनंतपुरम, केरल का कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ के स्नातक कृषि छात्र-छात्राओं ने किया भ्रमण

श्रीकरियाम, तिरूवनंतपुरम, केरल का कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ के स्नातक कृषि छात्र-छात्राओं ने किया भ्रमण

अखिल भारतीय शैक्षणिक भ्रमण- 2019 अन्तर्गत भा.कृृ.अनु.प.- केन्द्रीय कन्द फसल अनुसंधान संस्थान, तिरूवनंतपुरम, केरल का कृषि महाविद्यालय, पूर्णियाँ के स्नातक...

डीएस कॉलेज में छात्र छात्राओं को मुफ्त में पुस्तक का वितरण किया गया

डीएस कॉलेज में छात्र छात्राओं को मुफ्त में पुस्तक का वितरण किया गया

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग एवं नोडल एजेंसी मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विवि द्वारा संचालित निशुल्क शिक्षा छात्र-छात्राओं को दिया...

कटिहार : भारतीय जनता युवा मोर्चा ने छात्र सदस्यता अभियान चलाया

कटिहार : भारतीय जनता युवा मोर्चा ने छात्र सदस्यता अभियान चलाया

भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष सौरभ कुमार मालाकार के नेतृत्व में कटिहार शहर के डीएस कॉलेज महाविद्यालय में स्टॉल...

Page 1 of 14 1214